
राज्य (State)
उत्तराखंड (Uttarakhand) — भारत के उत्तर में।
📍 जिला (District)
चमोली जिला (Chamoli District)
📍 भौगोलिक स्थिति (Geographical Location)
- बद्रीनाथ धाम हिमालय की ऊँची घाटियों में, अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है।
- समुद्र तल से लगभग 3,133 मीटर (10,279 फीट) की ऊँचाई पर स्थित।
- यह गंगोत्री और केदारनाथ धाम के साथ उत्तराखंड के चारधाम यात्रा का प्रमुख स्थल है।
🌍 धार्मिक महत्व
- भगवान विष्णु का धाम
- बद्रीनाथ मंदिर में भगवान विष्णु (बद्रीनाथ स्वरूप) की पूजा होती है।
- इसे “नारायणधाम” या “बद्रीनाथ धाम” कहा जाता है।
- चारधाम यात्रा का हिस्सा
- बद्रीनाथ धाम चारधाम यात्रा (Badrinath, Kedarnath, Gangotri, Yamunotri) का प्रमुख स्थल।
- यह आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
- पौराणिक महत्व
- पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु ने यहां तपस्या की और भक्तों की रक्षा की।
- मंदिर के पास तपोनिधि, सरस्वती और गंगोत्री की पवित्र झीलें भी हैं।
🛕 बद्रीनाथ धाम कैसे पहुँचें (How to Reach Badrinath Dham)
✈️ हवाई मार्ग (By Air)
- Jolly Grant Airport, Dehradun – बद्रीनाथ से लगभग 314 किमी।
- एयरपोर्ट से टैक्सी या बस द्वारा हरिद्वार और ऋषिकेश होते हुए सड़क मार्ग।
🚆 रेल मार्ग (By Train)
- Haridwar Railway Station – प्रमुख रेलवे स्टेशन।
- यहाँ से बस या टैक्सी द्वारा बद्रीनाथ पहुँचना।
🚌 सड़क मार्ग (By Road)
- हरिद्वार, ऋषिकेश और रुद्रप्रयाग से नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध।
- सड़क मार्ग हिमालयी क्षेत्र से होकर गुजरता है, इसलिए सावधानी आवश्यक।
🌟 यात्रा का मौसम और समय
| मौसम | विवरण |
|---|---|
| मई – अक्टूबर | यात्रा का मुख्य समय, बर्फ पिघलने के बाद मंदिर खुलता है |
| नवंबर – अप्रैल | भारी बर्फ और ठंड के कारण मंदिर बंद रहता है |
🕉️ सारांश
- बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के चमोली जिले में, हिमालय की ऊँचाई पर अलकनंदा नदी के तट पर स्थित है।
- यह भगवान विष्णु का पवित्र धाम और चारधाम यात्रा का प्रमुख स्थल है।
- यात्रा कठिन है लेकिन भक्तों के लिए मोक्ष, पुण्य और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है।